दिवाली क्यों मनाया जाता है ? जानकर चौक जायेंगे आप

दिवाली क्यों मनाया जाता है

दिवाली क्यों मनाया जाता है ?

क्या आप जानते है की दुर्गा पूजा के बाद ही दिवाली क्यों मनाया जाता है ? आपको भारत के पर्व के बारे जानकारी है ?

हेल्लो मेरे प्यारे दोस्तों आप सभी लोग दुर्गा पूजा का आनंद तो जरुर उठाये होंगे है न ? वैसे आज आपको इस पोस्ट में दीपावली से सम्बंधित कुछ बात शेयर करूंगा लेकिन सबसे पहले मुझे आप ये जरुर बताईये की दुर्गा पूजा कैसा रहा ? मेला घुमे या नही ? या घर में ही बैठे रह गये

दिवाली क्यों मनाया जाता है ?

दिवाली क्यों मनाया जाता है
दिवाली क्यों मनाया जाता है

दिवाली रोशनी का त्यौहार है और इस दिन जिधर देखिये उधर रोशनी ही रोशनी दिखेगी , हर तरफ दीप जगमग जगमग करते हुये नजर आयेंगे , इतनी ख़ुशी मिलेगी जितनी कभी नही , ऐसा लगेगा की राती बल्कि रात में स्वर्ग का दर्शन हो गया है

असल में आप अगर दुर्गा पूजा में घुमे है या जानकरी रखते है तो ये तो जरुर जानते होंगे की दशहरा का पर्व मनाया जाता है और दशमी के दिन रावण को जलाया जाता है, अब आप सोच रहे होंगे की दुर्गा पूजा का दिवाली से क्या connection है ? तो मेरे प्यारे दोस्त इसका बहुत बड़ा connection है |

बात ये है की जब राम भगवान ने रावण का वध किया था तो जिस दिन वध किया उस दिन रावण जलाया जाता है और जब भगवान राम ने रावण का वध करने के बाद लंका से वापस अयोध्या आये तब अयोध्या के लोग मतलब पुरे राज्य में इसकी ख़ुशी के कारण दीपक जलाया गया |

हर घर में दीप जला कर ख़ुशी व्यक्त किया गया और तब से अपने भारत देश में उस दिन के कारण ही आज तक हम लोग दिवाली मनाते है |

दीपावली क्यों मनाते है ?

दिवाली क्यों मनाया जाता है
Diwali Light Festival

अब मैंने तो आपको ये बता दिया की जब भगवान राम अयोध्या आये तो उसके ख़ुशी के कारण दिवाली का पर्व मनाया जाता है और इसी कारण इस दिन लोग अपने घर के आसपास पूरी तरह से साफ़ सफाई करते है |

आज हमारे देश में स्वच्छता अभियान चला कर साफ़ सफाई की जाति है लेकिन हमारे पुरे रीती रिवाज में पहले से ही पूरी साफ़ सफाई के बारे में बताया गया है |

आपको पता होगा की दुर्गा पूजा ख़त्म होते ही सभी लोग अपने घर के आसपास के area को साफ़ करने में लग जाते है , घर के लोग अपने दीवारों पर नये रंग से पुताई करवाते है |

दिवाली में क्या करना चाहिए

diwali kyu manaya jata hai
दिवाली में फुलझड़ी जलाते हुए और ख़ुशी का इजहार करते हुए

जब बात आती है दिवाली की तो सीधा मन के एक ही चीज दीखता है की रोशनी और जब रोशनी की बात आती है तो ऐसे में अब के ज़माने में लोग सीधे इलेक्ट्रिक बल्ब खरीद कर घर के चारो तरफ लगा देते है लेकिन आज आपको इसका नुकसान बताऊंगा और फिर आपको बताऊंगा की अगर पुराने तरीके से दिवाली का पर्व मनाया जायेगा तो कितना फायदेमंद रहेगा |

दोस्तों, आप तो ज्जनते ही होंगे की रोशनी को देख कर किट पतंग भी रोशनी की तरफ आते है और जब उसी इलेक्ट्रिक बल्ब को आप अपने घर में और उसके चारो तरफ लगाते है तो फिर वही किट पतंग आपके घर में आ जाते है इसलिए ये नुकसान आपको झेलना पड़ेगा |

अब आते है main point पर की आखिर दिवाली का पर्व मनाने से क्या फायदा होता है , देखिये जब आप पुराने तरीके मतलब की मिटटी के दीप में oil से जिस दीप को जलाते है तो किट पतंग उस रोशनी को देख कर उसके नजदीक आते है और जब रोशनी के नजदीक आते है तो फिर उसी दीप में जलकर मर जाते है , ऐसे में दो फायदा होता है पहला ये की किट पतंग इस महीने में ज्यादा पैदा होते है उसका कारण है की बरसात के मौसम कुछ दिन पहले ही गुजरता है और जब कितन पतंग मर जाते है तो फिर किसान के फसल को किट पतंग खा कर नुकसान नही करते है जिससे की किट पतंग को मारने के लिए chemical का इस्तेमाल नही करना पड़ता है |

diwali kyon manate hain

जब chemical का इस्तेमाल नही होता है तो किसान को एक्स्ट्रा पैसा खर्च नही करना पड़ता है और शहर वालो को फायदा ये होता है की अच्छी फल और सब्जी खाने को मिलती है |

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एक request आप सभी से है की इस दिवाली में आप मिट्टी से बने दीप ही जलाये |

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