Diwali Me Kya Kare? Kya Nahi Karna Chahiye?

दोस्तों, हर साल की तरह इस बार भी दिवाली आएगी और आप एकदम धूम धाम से मानाने की सोच रहे होंगे लेकिन आपको मै कुछ बात बताना चाहता हूँ क्योकि आप जानते है की समय बदलता रहता है और एक समझदार इन्सान वही होता है जो समय के अनुसार काम करे  इसलिए आज मै बताने वाला हूँ की

Diwali Me Kya Kare? Kya Nahi Karna Chahiye?

सबसे पहली बात हम सब जानते है की दिवाली हम सब हिन्दुओ का बहुत ही प्रमुख त्यौहार है और ये त्यौहार light मतलब प्रकाश का त्यौहार है लेकिन मै इस पोस्ट में दिवाली के बारे में वो सब पुराणी बातें नही बताऊंगा जो आप शायद पहले से ही जानते होंगे|

दोस्तों अभी जमाना 21 century का है और हम सब बहुत ही मॉडर्न हो चुके है लेकिन जैसे जैसे हम सब इन्सान आगे बढ़ते गये और समाज को modern करने के चक्कर में अपने प्रकृति मतलब nature से दूर होते चले गये है |

आप तो बहुत ही अच्छे से ये बात जानते होंगे की अगर Nature अपना विकराल रूप धारण कर ले तो उसके सामने इन्सान की एक भी चीज काम नही करता सब के सब technology ठप्प हो जाता है ऐसे में हम सब जो भी करे तो nature को ध्यान में रखते हुए जरुर करे |

आपको पिछली दिवाली की बात याद है ? दिल्ली में क्या हुआ था ? एकदम हर तरफ धूआँ ही धूआँ था और जिसके चलते सबको सांस लेने में दिक्कत हुयी थी |

आप जानते है की आप खाना खाए बिना कुछ दिन रह सकते है और पानी पिए बिना भी लेकिन बिना सांस लिए कितने minute रह सकते है ? जब ये बात अच्छे से समझते है तो फिर सांस मतलब शुद्ध हवा के लिए क्या करते है ?

अगर चारो तरफ ये देखे तो लोग एक दुसरे पर सिर्फ आरोप मढ़ते है की सबको पेड़ लगनी चाहिए लेकिन वो खुद नही लगता है , मै भी आपसे एक बात कहना चाहते हूँ की आप पेड़ लगायेंगे तो बहुत अच्छी बात लेकिन अगर पेड़ नही लगा सकते तो कम से कम हवा को प्रदूषित होने से तो बचा सकते है |

diwali me kya kare

देखिये दोस्तों, आज ऐसा वातावरण दिल्ली में हुआ है तो कल आपके शहर में भी तो हो सकता है ? इसलिए पहले ही खुद सावधान हो जाईये और अपने आसपास के लोगो को भी इसके बारे में बताईये और जागरूक कीजिये |

अप कोशिश कीजियेगा की ऐसे पटाखे न फोड़े जिसमे से ज्यदा धुआ निकलता हो या ऐसे कोई भी चीज न जलाये जो  बहुत ज्यादा धुँआ देता हो|

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अब कुछ लोग हो सकता है की मेरी बातो से नाराज हो कर कहेंगे की दुसरे धर्म में नही दीखता है और सिर्फ अपने धर्म में दीखता है ? तो मै ये कहना चाहूँगा की अगर कोई कुआं में कूदेगा तो आप भी कुदियेगा ? देखिये जैसे जैसे लोग शिक्षित होंगे तो खुद समझ जायेंगे की क्या अच्छा है और क्या बुरा |

एक बात यद् रखिये की दिवाली एक प्रकाश का त्यौहार है और आप प्रकाश फैलाईये न की धुआं, मै तो बस एक कोशिश कर रहा हूँ की मेरे जरिये अगर कुछ अच्छा हो सकता है तो वो मै अपने पोस्ट के मदद से सकू क्योकि आप सभी लोग जानते है की मै technology और business इसी टॉपिक पर पोस्ट लिखता हूँ |

इस दिवाली Chinese सामान खरीदे या नहीं खरीदे ?

अब दिवाली आ रही है तो आपको तरह तरह के पोस्ट देखने को मिलेगा की वो नही खरीदो तो ये नही खरीदो इस तरह के बहुत चीज़े सोशल मीडिया पर देखने को मिलेगा लेकिन आप क्या करते है ये आपका decision है , अगर मेरे तरह से या मेरा ओपिनियन अगर आप मने तो मै बस यही कहूँगा की आप कोई भी electronic चीजे वाला light से बेहतर है की आप एक मिटटी के दिए वाला में तेल वाला दीप जलाये |

दोस्तों हर जगह अगर आप artificial चीजे का ही इस्तेमाल करेंगे तो आपको वो ख़ुशी नही मिलेगी जो मिलनी चाहिए क्योकि हाथ से मिटटी का बना हुआ दीप जो होता है वो एक कला है और अगर उन कुम्हारों के दीप का खरीददार नही होगा तो वो फिर से नही बनाएगा और इस तरह एक कला बिलुप्त हो जायेगा |

अब कुछ लोग कहेंगे की दीप इसलिए ख़रीदे की दीप बनाने वाले दीप बेचकर जो पैसा मिलेगा उससे उनका घर चलेगा तो मै इसके एकदम खिलाफ हूँ , क्योकि दीप बेचना एक business हुआ जैसे कोई सब्जी बेचता है तो कोई कपडा बेचता है ऐसे ही कुम्हार दीप बेचता है इसलिए दया दिखने को मै नही कह रहा हूँ |

मेरे द्वारा दीप खरीदने के लिए इसलिए कहा जा रहा है की पहली बात तो एक कला का सम्मान हुआ और दूसरी बात जो एक science के तरह से है , वो है की दीप द्वारा जब light जलाया जायेगा तो वो एक Eco Friendly Diwali होगा |

जब दीप जल कर ख़त्म होगा तो दीप मिटटी का बना होगा और बाद में मिटटी में घुल मिल जायेगा लेकिन अगर आर्टिफीसियल प्लास्टिक वाला हुआ तो ? ऐसे light environment को नुकसान ही देगा इसलिए आप इस साल Eco Friendly Diwali Manaye |

अब तो आप समझ गये की Diwali Me Kya Kare? Kya Nahi Karna Chahiye?